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बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दवा शà¥à¤°à¥‚ किया तो बंद करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल? जानें अफवाहों पर कà¥à¤¯à¤¾ बोले à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को लेकर आज à¤à¥€ लोगों में कई पà¥à¤°à¤•ार की गलत अवधारणाà¤à¤‚ हैं। अकà¥à¤¸à¤° लोगों को कहते हà¥à¤ सà¥à¤¨à¤¾ जा सकता है कि अगर आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ या फिर अचà¥à¤›à¤¾ महसूस कर रहे हैं तो आपको कोई à¤à¥€ परेशानी नहीं है। à¤à¤²à¥‡ ही आपको हाई बीपी ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो।
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन ने अपनी à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ में यह बताया कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में लगà¤à¤— 1.28 बिलियन लोग हैं जिसमें से अधिकतर की उमà¥à¤° 30-79 के बीच है ये सà¤à¥€ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की चपेट में हैं। नà¥à¤¯à¥‚ज 24 के शो में US सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° रवि गोडसे ने उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से जà¥à¥œà¥€ सà¤à¥€ अफवाहों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ की है। आइये समà¤à¤¤à¥‡ हैं इन अफवाहों के बारे में, साथ ही जानेंगे कि किस पà¥à¤°à¤•ार से हम अपने शरीर को उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से बचा सकते हैं।
अधिकतर लोगों में नहीं दिखाई देते लकà¥à¤·à¤£: डॉकà¥à¤Ÿà¤° गोडसे कहते हैं कि हाई बीपी के 100 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों में कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं होता है। अगर आपको कà¤à¥€ चकà¥à¤•र या फिर सिर में दरà¥à¤¦ हो रहा है तो इसका मतलब है कि आपका बीपी 200 के पार हो गया है। साथ ही हाई बीपी से होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ के इलाज से हमारे शरीर को कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ फायदे मिल सकते हैं उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यह à¤à¥€ बताया है।
इस उमà¥à¤° के लोगों को ही होता है बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°: हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पर बात करते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे बताया कि यह à¤à¥€ गलत अफवाह है की हाइपरटेंशन सिरà¥à¤« 50 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° वाले लोगों को ही अधिकतर होता है। जबकि 18-40 वरà¥à¤· के उमà¥à¤° के लोगों को à¤à¥€ हो सकता है। इसलिठइस उमà¥à¤° के लोगों को 3 साल में à¤à¤• बार अपना बीपी का टेसà¥à¤Ÿ अवशà¥à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤²à¥‡ ही इनमें बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ न दिखाई दे रही हो।
खà¥à¤¦ से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° चेक करें: डॉकà¥à¤Ÿà¤° गोडसे ने बताया कि अगर आपका बीपी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेक कराने के बाद बà¥à¤¾ हà¥à¤† आता है तो आपको à¤à¤• बार खà¥à¤¦ से घर जा करके चेक करना चाहिà¤à¥¤ ताकि आपको सही अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लग सके; चूंकि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को मापने के लिठबहà¥à¤¤ सारी सावधानी और परहेज करना होता है जो कि हम अकà¥à¤¸à¤° घर पर नहीं कर पाते हैं।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का इलाज नहीं है ? अकà¥à¤¸à¤° हमने यही सà¥à¤¨à¤¾ है कि अगर किसी को à¤à¤• बार हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो गयी है तो फिर वह कà¤à¥€ सही नहीं हो सकती है और साथ ही ताउमà¥à¤° मरीज को दवा का सेवन करना होगा। लेकिन इन सब बातों को à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° रवि गोडसे गलत बताते हैं और कहते हैं कि ये जरूरी नहीं है और दवा का छूटना नामà¥à¤®à¤•िन है। साथ ही बताते हैं कि जो लोग अपनी सेहत का अचà¥à¤›à¥‡ से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते हैं, रोजाना कसरत करते हैं और खान-पान पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते हैं तो उनका हाई बीपी à¤à¥€ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² होकर हमेशा के लिठठीक हो सकता है।
कॉफी का सेवन: यह à¤à¥€ कहा जाता है की कॉफी का सेवन करने से उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॠजाता है। इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° गोडसे का कहना है कि कॉफी पीने से बीपी बॠजाता है, यह कहना ठीक नहीं। कॉफी पर कई सारे शोध किठगठहैं और सà¤à¥€ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में यही पाया गया है कि कॉफी और बà¥à¤¤à¥‡ बीपी का आपस में कोई संबंध नहीं है।
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